Do not eat spinach and fish in rainy season


Do not eat spinach and fish in rainy season
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बारिश के मौसम में पालक, मछली को अपनी थाली से रखें दूर



बारिश का मौसम अपने साथ बहुत सारी बीमारियां भी लेकर आता है। मानसून में हमारे शरीर की पाचन शक्ति सबसे ज्यादा कम होती है, इसलिए खानपान में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। आयुर्वेद में हर ऋतु के हिसाब से खानपान तय किया गया है। इसका ध्यान रखें तो बीमार पड़ने से बच सकते हैं।

1. पालक से करें परहेज
    • पालक, पत्तागोभी व अन्य पत्तेदार सब्जियों पर कीड़े| व बैक्टीरिया होने की संभावना ज्यादा रहती है।
    • इस मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों की पैदावार भी कम होती है।
    • अगर खाना है, तो गुनगुने पानी से अच्छे से धो लें।

2. मछली से बना लें दूरी
    • अंडों वाली मछली खाने से फूड प्वाइजनिंग' का खतरा बढ़ जाता है।
    • बारिश में पानी में प्रदूषण भी बढ़ जाता है, जिससे मछलियों पर भी गंदगी जमा हो जाती है।
    • इस मौसम में ताजा मछली मिलना भी मुश्किल होता है।
    • मानसून मछली व अन्य समुद्री जीवों के प्रजनन का समय होता है।

3. दही, छाछ भी सही नहीं
    • मानसून में हमारे शरीर से लेकर वातावरण में ढेरों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं।
    • दही व अन्य डेयरी उत्पादों में भी बैक्टीरिया की मात्रा ज्यादा रहती है। बारिश के मौसम में दही, छाछ, लस्सी का प्रयोग सही नहीं है।
    • दूध हमेशा उबालकर ही पीएं

4. सलाद बेहतर, लेकिन मानसून में नहीं

    • कच्चे खाने से जितना बचा उतना अच्छा है।
    • वैसे तो सलाद खाना सेहतमंद होता है, लेकिन मानसून में इससे परहेज करें।
    • बहुत देर या बाजार के कटे फल, सब्जियां तो बिल्कुल न खाएं।
    • सलाद खाना है, तो उसे थोड़ी सी देर भाप में पका लें।
       
5. क्या खाएं
    सुपाच्य खाना गर्म सूप, दाल, दलिया, खिचड़ी का प्रयोग करें.
    • आम एंटी-ऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र दुरुस्त रखता है।
    • जामुन, आलू बुखारा जैसे फल खाना भी काफी लाभदायक होता है।
    • हालांकि बारिश के मौसम में तरबूज खाने से परहेज करें।
    • कड़वी सब्जियां जैसे करेला, मेथी, ग्वार की फली खाएं।
    • नींबू, मौसमी को भी अपने आहार में शामिल करे
    • पाचन तंत्र के कमजोर होने की वजह से बाजरे जैसा मोटा अनाज न खाएं गेहूं के आटे में चना और जौ। मिलाकर रोटी खाना अच्छा विकल्प है।
    • तुलसी, लहसुन, हल्दी, जीरा, सरसों का तेल।
    • शहद का प्रयोग करें।
    • सोंठ, काली मिर्च, पीपल, दालचीनी, तेज पत्ता, धनिया, अजवाइन, राई और हींग।